देहरादून। यू टर्न फाउंडेशन द्वारा ग्रीन इम्पैक्ट मिशन के अंतर्गत तैयार ऑपरेशन ऋषिपर्णा नागरिक डोज़ियर पर आज उत्तरांचल प्रेस क्लब, देहरादून में प्रेस वार्ता आयोजित की गई।
इस अवसर पर ऋषिपर्णा नदी की वर्तमान स्थिति, प्रदूषण के प्रमुख स्रोत, सीवेज प्रवाह, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, अतिक्रमण, जलग्रहण क्षेत्र के क्षरण तथा नदी पुनर्जीवन हेतु व्यवहारिक एवं दीर्घकालिक सुझावों को मीडिया एवं आमजन के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
यह नागरिक डोज़ियर पूर्व में जिलाधिकारी, देहरादून एवं महापौर, नगर निगम देहरादून को भी सौंपा जा चुका है।
प्रेस वार्ता का उद्देश्य नागरिकों, मीडिया, प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों के मध्य रचनात्मक संवाद स्थापित कर नदी संरक्षण को जनभागीदारी का अभियान बनाना रहा।
ग्रीन इम्पैक्ट मिशन की ओर से रिजा खान,आयुष्मान कोठारी, अंगद चौधरी, यश मनराल, सिद्धांत गुरुंग एवं रिया ने डोज़ियर के प्रमुख निष्कर्षों एवं अनुशंसाओं का प्रस्तुतीकरण किया।
कार्यक्रम में यू टर्न फाउंडेशन के पदाधिकारी प्रियधर खाली, अतुल नेगी, अधिवक्ता जसप्रीत अहलुवालिया,अधिवक्ता बी. एम. डोभाल, दिग्विजय सिंह नेगी (सदस्य,गो सेवा आयोग उत्तराखंड सरकार), पत्रकार एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
संस्थापक-अध्यक्ष श्री हेमंत नव कुमार ने कहा,”ऑपरेशन ऋषिपर्णा केवल एक रिपोर्ट नहीं, बल्कि नागरिक सहभागिता, शोध एवं समाधान आधारित सोच का दस्तावेज़ है। हमारा उद्देश्य केवल समस्याओं को सामने लाना नहीं, बल्कि प्रशासन, जनप्रतिनिधियों, शैक्षणिक संस्थानों एवं समाज के साथ मिलकर उनके व्यवहारिक समाधान की दिशा में कार्य करना है। हमें विश्वास है कि यह पहल भविष्य में नदी पुनर्जीवन से जुड़ी ठोस परियोजनाओं का आधार बनेगी।”
यू टर्न फाउंडेशन के सचिव अधिवक्ता प्रभात बड़थवाल ने कहा, “ग्रीन इम्पैक्ट मिशन ने यह सिद्ध किया है कि युवा केवल जागरूक नागरिक ही नहीं, बल्कि शोध, नीति संवाद और सामाजिक परिवर्तन के सक्रिय सहभागी भी बन सकते हैं। यू टर्न फाउंडेशन भविष्य में भी प्रशासन एवं सभी हितधारकों के साथ मिलकर पर्यावरण संरक्षण एवं सतत विकास के लिए रचनात्मक सहयोग जारी रखेगा।”
यू टर्न फाउंडेशन के विधिक सलाहकार अधिवक्ता संजय डिमरी ने कहा, “नदी संरक्षण केवल पर्यावरण का विषय नहीं, बल्कि नागरिक उत्तरदायित्व, सुशासन और विधि के प्रभावी क्रियान्वयन का भी प्रश्न है। ‘ऑपरेशन ऋषिपर्णा’ इस बात का उत्कृष्ट उदाहरण है कि जब शोध, जनसहभागिता और संस्थागत संवाद एक साथ आते हैं, तब सार्थक परिवर्तन की दिशा में मजबूत आधार तैयार होता है। हमें आशा है कि यह नागरिक डोज़ियर नीति निर्माण एवं भविष्य की कार्ययोजनाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।”
यू टर्न फाउंडेशन ने सभी मीडिया प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऑपरेशन ऋषिपर्णा अब अपने अगले चरण में प्रवेश कर रहा है, जहाँ नागरिक शोध को नीति संवाद एवं क्रियान्वयन योग्य परियोजनाओं से जोड़ा जाएगा।