उत्तराखण्ड

एयरबीएनबी रिपोर्ट: कॉन्सर्ट्स और म्यूजिक फेस्टिवल्स तय कर रहे हैं जेन जेड की ट्रैवल प्लानिंग

● 2026 में भारत की 62% जेन जेड कॉन्सर्ट्स और म्यूज़िक फेस्टिवल्स के लिए यात्रा करने की योजना बना रही है-जो ट्रैवल में उभरते सांस्कृतिक ट्रेंड को दर्शाता है।

● संगीत नए गंतव्यों की खोज को बढ़ावा दे रहा है, जहां 76% जेन जेड ने किसी कॉन्सर्ट या फेस्टिवल की वजह से पहली बार कोई शहर गए।

● कॉन्सर्ट-आधारित यात्रा आर्थिक प्रभाव भी पैदा कर रही है-53% युवा कॉन्सर्ट की तारीख़ों से आगे अपना स्टे बढ़ाकर डेस्टिनेशन को एक्सप्लोर कर रहे हैं, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढावा मिल रहा है।

देहरादून: म्यूजिक अब युवा भारतीयों की यात्रा की दिशा तय कर रहा है। एयरबीएनबी की अनुभव-आधारित ट्रैवल इनसाइट्स के अनुसार, जेन जेड अब लाइव कॉन्सर्ट और म्यूजिक फेस्टिवल्स के इर्द-गिर्द अपनी यात्राओं की योजना बना रहे हैं। यह उनके लिए नए शहरों को एक्सप्लोर करने का जरिया बन रहा है जहां वे सिर्फ इवेंट तक सीमित नहीं रहते, बल्कि कुछ दिन ठहरते भी हैं और स्थानीय इलाक़ों को तसल्ली से जानते-समझते हैं।

नई पीढ़ी यात्रा के फैसले अब सांस्कृतिक गतिविधियों को ध्यान में रखकर लेती है। लाइव इवेंट्स और आईआरएल (इन-रियल-लाइफ़) अनुभव यह तय कर रहे हैं कि वे कहां जाएं, किसके साथ यात्रा करें और गंतव्य के साथ कितनी गहराई से जुड़ें।

युवा भारतीयों की यात्रा को परिभाषित कर रहा म्यूजिक और नए ठिकानों की खोज

2026 में म्यूजिक युवा भारतीयों की यात्रा को आकार देने में और भी बड़ी भूमिका निभाने वाला है। 62% जेन जेड युवा कॉन्सर्ट्स और म्यूज़िक फ़ेस्टिवल्स के आधार पर अपनी यात्राओं की योजना बना रहे हैं। यह रुझान उनके मौजूदा व्यवहार में भी साफ दिखता है। हर तीन में से एक से ज्यादा (36%) युवा किसी इवेंट की जानकारी मिलते ही यात्रा की प्लानिंग शुरू कर देते हैं।

मौसम, छुट्टियों या लंबे वीकेंड पर आधारित पारंपरिक यात्रा पैटर्न से हटकर, युवा ट्रैवलर्स अब अनुभवों को प्राथमिकता दे रहे हैं। उनके लिए किसी नए डेस्टिनेशन को एक्सप्लोर करने का मौका और जीवन में एक बार मिलने वाले सांस्कृतिक पल का हिस्सा बनने का रोमांच सबसे बड़ी वजहें हैं।

म्यूजिक युवा भारतीयों की यात्रा का कितना अहम हिस्सा बन चुका है, इसका साफ संकेत यह है कि वे अपने पसंदीदा कलाकारों को लाइव देखने के लिए समंदर पार करने को भी तैयार हैं। 40% से अधिक युवा किसी इवेंट के लिए अंतरराष्ट्रीय यात्रा करने को तैयार हैं। अमेरिका (48%), यूरोप (45%) और एशिया के अन्य देश (46%) समान रूप से उनकी पसंदीदा सूची में शामिल हैं।

कॉन्सर्ट-आधारित यात्रा से स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन को मिल रहा है बढ़ावा

कॉन्सर्ट और म्यूजिक फेस्टिवल भले ही यात्रा का मुख्य आकर्षण हों, लेकिन उनका असर वेन्यू तक सीमित नहीं रहता। 65% जेन जेड यात्री इवेंट लोकेशन के आसपास ठहरना पसंद करते हैं, जिसकी वजह से वे अक्सर शहर और आसपास के इलाकों को जान और समझ पाते हैं।

इनमें से आधे से ज़्यादा (53%) युवा अपनी यात्रा को आगे बढ़ाते हुए स्थानीय कैफे, नाइटलाइफ, सांस्कृतिक स्थलों में समय और पैसा खर्च करते हैं, जिससे स्थानीय कारोबार और समुदायों को सीधा समर्थन मिलता है। यह प्रभाव सोशल ट्रैवल ट्रेंड से और मजबूत होता है, जहाँ 70% युवा दोस्तों या ग्रुप के साथ कॉन्सर्ट में शामिल होते हैं।

युवाओं के खर्च करने के तरीके भी इन अनुभवों की अहमियत को दर्शाते हैं। हर दस में से छह युवा संगीत-आधारित यात्रा और अनुभवों पर अपनी मासिक आय का 21–40% तक ख़र्च करने को तैयार हैं, जबकि हर दस में से एक युवा अपनी मासिक आय का आधा तक खर्च करने में भी नहीं हिचकता है। औसतन, प्रतिभागियों ने अपनी हालिया इवेंट-आधारित यात्रा पर 51,000 रुपए खर्च किए।

कॉन्सर्ट टूरिज़्म पर्यटन के विस्तार का भी एक अहम ज़रिया बन रहा है। 76% लोगों ने बताया कि वह किसी कॉन्सर्ट या म्यूजिक फेस्टिवल की वजह से पहली बार कोइ नए शहर गए। यह दिखाता है कि लाइव इवेंट्स किस तरह युवा भारतीयों को नए शहरों, मोहल्लों और सांस्कृतिक इलाकों से परिचित करा रहे हैं।

एयरबीएनबी के इंडिया और साउथईस्ट एशिया के कंट्री हेड  अमनप्रीत सिंह बजाज ने कहा, “म्यूजिक कॉन्सर्ट्स और फेस्टिवल्स में बढ़ती दिलचस्पी ने एक नए तरह के ट्रैवलर को जन्म दिया है-जो संगीत को नए गंतव्यों की खोज का जरिया मानता है। एयरबीएनबी में हम देख रहे हैं कि कॉन्सर्ट टूरिज्म युवा यात्रियों को शहरों के नए इलाक़ों और स्थानीय समुदायों से जोड़ रहा है और इसका सार्थक असर पड़ रहा है। यह उभरता हुआ ट्रेंड यात्रियों के व्यवहार को नए सिरे से गढ़ रहा है, जहां ऐसे जगहों की मांग बढ़ रही है जो समूहों को साथ समय बिताने, आराम से रहने और यादगार साझा अनुभव बनाने का मौका दें और यही वह अनुभव है जो एयरबीएनबी बेहतरीन तरीके से ऑफर करता है।”

कॉन्सर्ट टूरिज़्म: युवाओं की लाइफस्टाइल का सोचा-समझा हिस्सा
जो कभी-कभार की मौज-मस्ती हुआ करती थी, वह अब युवा भारत की लाइफ़स्टाइल का एक सोचा-समझा हिस्सा बन चुकी है। कॉन्सर्ट-आधारित यात्राओं के लिए अब पहले से बजट तय किया जा रहा है, एडवांस में प्लानिंग हो रही है और इन्हें इस तरह डिजाइन किया जा रहा है कि अनुभव और एक्सप्लोरेशन दोनों का पूरा फायदा मिल सके।

लोलापालूजा इंडिया (Lollapalooza India) जैसे बड़े फ़ॉर्मैट के फेस्टिवल इस बदलाव की साफ झलक देते हैं, जहां पिछले संस्करणों में हजारों फ़ैन्स मुंबई पहुंचे। 62% अटेंडीज़ का कहना है कि फेस्टिवल का माहौल उन्हें बार-बार खींच लाता है, जबकि 98% ने दोबारा आने की इच्छा जताई, जो दिखाता है कि म्यूजिक आधारित ट्रैवल तेजी से एक मेनस्ट्रीम सांस्कृतिक व्यवहार बनता जा रहा है।

इसी बढ़ती लोकप्रियता को आगे बढ़ाते हुए, एयरबीएनबी ने लोलापालूज़ा इंडिया के साथ अपनी पहली ग्लोबल लाइव म्यूज़िक पार्टनरशिप की है। इसके तहत मेहमानों को 2026 के एडिशन में म्यूजिक के और करीब लाने वाले फैन्स के लिए खास, अनोखे अनुभव और आरामदायक ठहरने के विकल्प किए जाएंगे। यह इवेंट 24–25 जनवरी को मुंबई के महालक्ष्मी रेसकोर्स में आयोजित होगा।

जैसे-जैसे लाइव मोमेंट्स यह तय कर रहे हैं कि युवा भारतीय शहरों में कैसे घूमते-फिरते और जुड़ते हैं। एयरबीएनबी की अनुभव-आधारित ट्रैवल इनसाइट्स के अनुसार, यह एक ऐसे भविष्य की ओर इशारा करती हैं जहां यात्रा की योजना और अनुभव-दोनों के केंद्र में संस्कृति, कम्युनिटी और कनेक्शन होंगे।

Related posts

सीएम धामी ने डीएवी महाविद्यालय में सुनीं पीएम मोदी की मन की बात

नुकुल वर्मा

समान नागरिक संहिता विधेयक विधानसभा से पारित होने पर सीएम धामी को किया गया सम्मानित, मुख्यमंत्री बोले – विधेयक पास होने के पीछे उत्तराखण्ड की जनता की शक्ति

उत्तराखंड कैबिनेट बैठक में 25 प्रस्तावों पर लगी मुहर, छात्रों को अब धामी सरकार पुस्तक के साथ देगी निःशुल्क नोटबुक

Leave a Comment